खाँसी शरीर का एक सुरक्षात्मक reflex है जो गले और साँस की नली से बलगम, धूल या irritants हटाने में मदद करता है। अधिकांश अचानक शुरू हुई खाँसी सर्दी या वायरल संक्रमण से जुड़ी होती है और कुछ सप्ताह में सुधर जाती है, लेकिन कुछ लक्षण तत्काल जाँच चाहते हैं।
लेखक: Dr Manish Pandey, BDS, FAGE. चिकित्सकीय समीक्षा: Dr Madhurita Pandey, MD. यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत जाँच या उपचार का विकल्प नहीं है।
खाँसी के प्रकार
सूखी खाँसी
इसमें बलगम नहीं या बहुत कम निकलता है। वायरल संक्रमण, एलर्जी, धुआँ, प्रदूषण, कुछ दवाएँ या acid reflux इसके कारण हो सकते हैं।
बलगम वाली खाँसी
इसमें sputum या कफ निकलता है। सर्दी, bronchitis, pneumonia, COPD या दूसरी श्वसन समस्या इसका कारण हो सकती है। केवल पीला या हरा बलगम देखकर बैक्टीरियल संक्रमण तय नहीं किया जा सकता और अपने आप antibiotic शुरू नहीं करना चाहिए।
अवधि के अनुसार
अचानक शुरू हुई खाँसी अक्सर कुछ सप्ताह रहती है। तीन सप्ताह से अधिक रहने वाली खाँसी की चिकित्सकीय जाँच कराना उचित है। आठ सप्ताह या अधिक रहने वाली खाँसी को वयस्कों में आम तौर पर chronic cough कहा जाता है और कारण खोजने की जरूरत होती है।
खाँसी के सामान्य कारण
- सर्दी, influenza, COVID-19 या अन्य viral infection
- Acute bronchitis या pneumonia
- नाक से गले में mucus गिरना—post-nasal drip
- अस्थमा या COPD
- धूम्रपान, secondhand smoke और वायु प्रदूषण
- Acid reflux या GERD
- कुछ blood-pressure medicines, विशेषकर ACE inhibitors
- TB, pertussis या अन्य संक्रमण
कम मामलों में लगातार खाँसी फेफड़ों के कैंसर, heart failure या अन्य गंभीर समस्या से जुड़ी हो सकती है। इसलिए लक्षण और जोखिम के आधार पर डॉक्टर की जाँच महत्वपूर्ण है।
तुरंत चिकित्सा सहायता कब लें?
निम्न लक्षणों में घरेलू इलाज की प्रतीक्षा न करें:
- साँस लेने में कठिनाई, होंठ नीले पड़ना या बेहोशी
- खाँसी के साथ खून
- सीने में तेज दर्द, बहुत तेज धड़कन या भ्रम
- खाँसी तेजी से बिगड़ना या रुक न पाना
- गंभीर कमजोरी या dehydration
तीन महीने से छोटे शिशु को 38°C या अधिक बुखार हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। गर्भवती महिला, बुजुर्ग, कमजोर immunity, heart/lung disease या diabetes वाले व्यक्ति में डॉक्टर से जल्दी संपर्क करना उचित है।
डॉक्टर से सामान्य अपॉइंटमेंट कब लें?
- खाँसी तीन सप्ताह से अधिक रहे
- बिना कारण वजन कम हो, रात में पसीना आए या भूख घटे
- बार-बार बुखार या छाती का संक्रमण हो
- घरघराहट, acid reflux या नाक की एलर्जी बार-बार हो
- नई दवा शुरू करने के बाद खाँसी शुरू हुई हो
घर पर सुरक्षित देखभाल
हल्की खाँसी में आराम, पर्याप्त पानी और धुआँ या धूल से बचना उपयोगी हो सकता है। गर्म पानी गले की असुविधा कम कर सकता है। एक वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में थोड़ी मात्रा में शहद कुछ समय के लिए खाँसी कम कर सकता है, लेकिन प्रमाण सीमित हैं। एक वर्ष से छोटे बच्चे को शहद न दें क्योंकि botulism का जोखिम होता है।
कमरे को हवादार रखें और तंबाकू का धुआँ पूरी तरह बंद करें। संक्रमण के लक्षण हों तो हाथ साफ रखें, खाँसते समय मुँह ढकें और स्थानीय स्वास्थ्य सलाह के अनुसार दूसरों से दूरी रखें।
खाँसी की दवाओं में सावधानी
कई cough syrups केवल अस्थायी symptom relief देते हैं और कारण का इलाज नहीं करते। बच्चों के लिए उम्र की सीमा अलग होती है; लेबल और pharmacist/doctor की सलाह के बिना दवा न दें। Codeine वाले cough products खाँसी रोकने में उपयोगी नहीं हो सकते और sedation या breathing risk पैदा कर सकते हैं। गर्भावस्था, liver/kidney disease या दूसरी दवाएँ लेने पर पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
क्या antibiotic जरूरी है?
अधिकांश सर्दी और uncomplicated acute bronchitis वायरस से होते हैं, इसलिए routine antibiotic लाभ नहीं देता। अनावश्यक antibiotic से side effects और antimicrobial resistance बढ़ सकते हैं। Pneumonia, pertussis या किसी प्रमाणित bacterial infection में डॉक्टर antibiotic लिख सकते हैं। बची हुई दवा या किसी अन्य व्यक्ति का antibiotic इस्तेमाल न करें।
जाँच कैसे हो सकती है?
डॉक्टर खाँसी की अवधि, बलगम, बुखार, smoking history, allergy, reflux और दवाओं के बारे में पूछ सकते हैं। जरूरत के अनुसार छाती सुनना, oxygen saturation, chest X-ray, sputum test, allergy test या lung-function test किया जा सकता है। हर मरीज को सभी जाँचों की जरूरत नहीं होती।
बच्चों में खाँसी
बच्चों में सर्दी के कारण खाँसी आम है, लेकिन तेज साँस, पसलियाँ अंदर खिंचना, दूध न पी पाना, नीला पड़ना, असामान्य सुस्ती, लगातार तेज बुखार या dehydration में तुरंत जाँच जरूरी है। बच्चों को adult cough medicine या antibiotic स्वयं न दें।
क्या अदरक, तुलसी या मुलेठी खाँसी ठीक करते हैं?
इन घरेलू उपायों से कुछ लोगों को गले में थोड़ी राहत महसूस हो सकती है, लेकिन ये asthma, pneumonia, TB, COPD या दूसरी बीमारी का इलाज नहीं हैं। मुलेठी blood pressure बढ़ा सकती है और दवाओं से interaction कर सकती है। “फेफड़े साफ करने” या infection समाप्त करने वाले चमत्कारी दावों पर भरोसा न करें।
रोकथाम
- धूम्रपान बंद करें और secondhand smoke से बचें।
- हाथ धोएँ और खाँसते समय tissue या कोहनी से मुँह ढकें।
- डॉक्टर द्वारा सुझाए गए influenza, COVID-19 या अन्य टीके समय पर लें।
- अस्थमा, allergy और reflux की prescribed treatment नियमित रखें।
- काम की जगह धूल या chemicals हों तो उचित protective equipment इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हरा बलगम होने पर antibiotic चाहिए?
जरूरी नहीं। बलगम का रंग अकेले bacterial infection साबित नहीं करता। निर्णय लक्षण, जाँच और डॉक्टर के assessment पर निर्भर करता है।
क्या खाँसी दबाना हमेशा सही है?
नहीं। बलगम वाली कुछ खाँसी airway साफ करने में मदद करती है। रात की नींद या दर्द प्रभावित हो तो pharmacist या doctor से सुरक्षित symptom relief पूछें।
क्या भाप लेना जरूरी है?
नमी कुछ लोगों को अस्थायी आराम दे सकती है, पर गर्म भाप से जलने का जोखिम होता है—विशेषकर बच्चों में। उबलते पानी की भाप से बचें।
निष्कर्ष
अधिकांश छोटी अवधि की खाँसी स्वयं सुधर जाती है, लेकिन तीन सप्ताह से अधिक खाँसी, साँस की कठिनाई, सीने का दर्द, वजन कम होना या खून आने पर डॉक्टर से जाँच कराएँ। घरेलू उपाय केवल सीमित symptom relief दे सकते हैं; वे गंभीर बीमारी का उपचार नहीं हैं।
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